सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सावधि जमा को समय से पहले बंद करने पर आपको 1% तक का जुर्माना भरना पड़ता है। ऐसा करने पर बैंक आपके ब्याज की गणना केवल उसी अवधि के लिए करता है, जिस समय तक पैसा एफडी में जमा रहा है। इसके बाद, राशि पर आपको पेनल्टी काटकर भुगतान किया जाता है। अगर आप भी अपनी एफडी को बीच में ही बंद करने का सोच रहे हैं, तो पहले नीचे दी गई जानकारी पढ़ लें।

गारंटीड प्लान
(बीमा कंपनियों द्वारा)फिक्स्ड डिपॉजिट
(बैंकों द्वारा प्रदान)सेविंग अकाउंट
(पोस्ट ऑफिस)पूरी तरह से टैक्स-फ्री, जीवन कवर शामिल
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 5 लाख से अधिक की एफडी को समय से पहले तोड़ने या बंद करने पर बैंक आपकी एफडी ब्याज दर पर 1% तक का जुर्माना लगा सकता है। इसी के साथ बैंक लागू CBI एफडी ब्याज दर कम करके आपको भारी भरकम ब्याज का नुकसान भी दे सकता है।
निकासी करने पर बैंक आपको केवल उतना ही ब्याज देगा, जितने समय तक राशि आपके सावधि जमा खाते में रही है। साथ ही, यदि एफडी राशि 7 दिनों से कम समय में निकाली जाती है, तो उस राशि पर कोई भी ब्याज नहीं मिलता है। ज्यादातर मामलों में 5 लाख से कम की एफडी राशि पर कोई जुर्माना नहीं लगता है।
नीचे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सावधि जमा को समय से पहले बंद करने की पूरी प्रक्रिया दी गई है:
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में समय से पहले FD तोड़ने से क्या होता है:
क्या कोई ऐसा तरीका है, जिसमें फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़े बिना पैसे निकाले जा सकें? आइए जानते हैं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सावधि जमा खाता बंद करने से कैसे बचें:
आप अपने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में चल रहे, सावधि जमा खाते को बीच में ही बंद करा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको तय ब्याज दर पर 1% तक की पेनल्टी देनी पड़ सकती है। इसके अलावा जल्दी एफडी तोड़ने से TDS और टैक्स पर असर पड़ सकता है। यदि आप इस बोझ से बचना चाहते हैं, तो इसके लिए भी कई रास्ते उपलब्ध हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सावधि जमा की समय से पहले निकासी के लिए एफडी के बदले लोन, एफडी के बदले क्रेडिट कार्ड और आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध कराता है। बैंक द्वारा दिए गए इन विकल्पों का चयन एक बेहतर फैसला हो सकता है। साथ ही आप एफडी समयपूर्व निकासी कैलकुलेटर की सहायता से जान सकते हैं, कि जुर्माने के बाद आपको कितना अमाउंट मिलेगा।